229 Sri Narayan Kawach By Gita Press, Gorakhpur
श्री शुकदेव जी कहते हैं-परीक्षित्! जो पुरुष इस नारायण कवच को समय पर सुनता है और जो आदर पूर्वक इसे धारण करता है, उसके सामने सभी प्राणी आदर से झुक जाते हैं और वह सब प्रकार के भयों से मुक्त हो जाता है |

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श्री शुकदेव जी कहते हैं-परीक्षित्! जो पुरुष इस नारायण कवच को समय पर सुनता है और जो आदर पूर्वक इसे धारण करता है, उसके सामने सभी प्राणी आदर से झुक जाते हैं और वह सब प्रकार के भयों से मुक्त हो जाता है |
श्री शुकदेव जी कहते हैं-परीक्षित्! जो पुरुष इस नारायण कवच को समय पर सुनता है और जो आदर पूर्वक इसे धारण करता है, उसके सामने सभी प्राणी आदर से झुक जाते हैं और वह सब प्रकार के भयों से मुक्त हो जाता है |
| Weight | 17.3 g |
|---|---|
| Dimensions | 6 × 4.2 cm |
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