Kalyankari Bal- Kahaniya ( Welfare Child Stories )

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2081 Kalyankari Bal- Kahaniya ( Welfare Child Stories ) in Hindi with pictures by Gita Press Gorakhpur.

A collection of 10 Welfare Child Stories in Hindi with Pictures to develop well beingness in children.

१० कल्याणकारी कहानियों का संग्रह जिसे पढ़ -सुनकर एक अच्छे व्यक्तित्व और संस्कार का आचरण कर सकते है |

Kalyankari Doha Sangrah

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774 Kalyankari Doha Sangrah ( included Gita Press Introduction )  by Gita Press, Gorakhpur

  • गीता प्रेस परिचय
  • गोस्वामी श्री तुलसी दास जी
  • संत कबीर
  • संत दादू दयाल जी
  • संत सुन्दर दास जी
  • संत दरिया
  • सहजो
  • रहीम
  • श्री नारायण स्वामी जी
  • प्रेम शतक से
  • फुटकर
  • गीता प्रेस दोहा संग्रह

 

Kanhaiya (Krishna Series 1)

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869 Kanhaiya (Krishna Series 1) in Hindi with pictures by Gita Press Gorakhpur.

भगवान् श्रीकृष्ण की मधुर लीलाओं का श्रवण और पठन पाठन भगवद्भक्ति तथा भगवद्विश्वास का दिव्य स्रोत है। प्रस्तुत पुस्तक के इस नवीन संस्करण को भगवान् श्रीकृष्ण, कारागार में श्रीकृष्णावतार, मथुरा से गोकुल की ओर, चाँद-खिलौना माखन लेने की अनोखी रीति आदि बाल-लीला के नौ मनोरम कथाओं से सँवारा गया है। कथा की भाषा, शैली इतनी सरल तथा रोचक है कि आबाल- वृद्ध सभी लोग श्रीकृष्ण की बाल-लीला के सरस प्रसंगों का सहज ही आनन्द उठा सकते हैं। प्रत्येक कथा के साथ उसके दाहिने पृष्ठ पर सुन्दर आर्ट पेपर पर कथा से सम्बन्धित आकर्षक चित्र दिया गया है।

Karmkand Pradeep (abhinav) कर्मकाण्ड प्रदीप

Current price is: ₹200.00. Original price was: ₹220.00.
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Karmkand Pradeep (Abhinav) कर्मकाण्ड प्रदीप  by Pt. Surendra Narayan Upadhyaya & Pt. Ramesh Upadhyaya Published by CBabu Thakur Prasad Bookseller

शास्त्रों और पुराणों में कर्मकाण्ड, अनुष्ठान तथा विधि-विधान पूर्वक देवी-देवताओं के पूजन-अर्चन का कर्मकाण्ड सम्बन्धी पुस्तक,  जो साधारण मनुष्यों, पौरोहित्य कार्य करने वाले ब्राह्मण बन्धुओं तथा अन्य सुधी जनों के लिये सर्वग्राह्य एवं उपयोगी सिद्ध हो

Karn Vedh – Sanskaar ( with Pooja Vidhi )

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Karn Vedh – Sanskaar by Dr Mahendra Panday Edited by Prof. Ram Murti Sharma Published by Sampurnanand Sanskrit University, Varanasi

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की प्रकाशन-प्रन्थमालाओं ने प्राय्य भारतीय विद्याओं की प्रायः समस्त शाखाओं को अभिव्याप्त किया है। इस विश्वविद्यालय के द्वारा माननीय कुलपति प्रो. राममूर्ति शर्मा जी की प्रेरणा से एक नयी ग्रन्थमाला ‘संस्कार ग्रन्थमाला ‘ का प्रवर्तन हुआ है।

Kashi Khand of Maharsi Vyasa by Sampurnanand Sanskrit University

Price range: ₹580.00 through ₹656.00
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Ganganathajha- Granthamala (Vol.13)

KASIKHANDA of MAHARSI VYASA with two commentraties ‘Ramanadi” by Acarya Sri Ramananda & Hindi ‘Narayani” by Sri Narayanapati Tripathi

Foreword by Prof. Yadunath Prasad Dubey (Vice-Chancellor)

Edited by Acarya Sri Karunapati Tripathi (Ex-Vice-Chancellor) Sampurnanad Sanskrit Vishvavidyalaya, Varanasi

The description of all the glory of Kashi, the spiritual capital of the world, is available in this book called ‘Kashi Khand’. “Every chapter and narrative of Kashi Khand is His Holiness and enlightening.
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Kashi Mahatmya काशी महात्म्य

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यह ग्रन्थ प्रसिद्ध संत स्वामी श्री शिवानन्द सरस्वती जी महारह द्वारा प्रणित है | काशी (वाराणसी) के पुराण प्रसिद्द महात्म्य के वर्णन के साथ-साथ इस महत्वपूर्ण ग्रन्थ में काशी-क्षेत्र में स्थित विब्ब्हीं शिवलिंगों तथा पुण्य-क्षेत्रों का वर्णन एवं काशी-क्षेत्र में कर्तव्याकर्तव्य आदि विषयों का विशद विश्लेषण किया गया है |

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ,काशी द्वारा प्रकाशित

Kashi Rahashyam (Original text and Hindi Translation ) including Sukti Ratnawali

Current price is: ₹630.00. Original price was: ₹701.00.
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काशीरहस्यम् (हिन्दी अनुवाद सहित) एवं सूक्ति रत्नावली हिन्दी व्याख्या सहित

सम्पादक : डॉ० श्याम बापट, आचार्य पूर्व विभागाध्यक्षः पुराणेतिहास विभागः सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी

Kashi Rahasyam Book by Dr. Shyam Bapat

Pages : 660

Kashi Yatra

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Kashi Yatra by Sri NarayanPati Tripathi Published by Sampurnanad Sanskrit University, Varanasi

‘काशी -यात्रा’ में काशी के प्रमुख देवों, देवगणों, यात्राओं, कुण्डों, तीर्थ-कूपों आदि की चर्चा की गई है। पर उनके अतिरिक्त भी बहुत-से देवादिक हैं, जिनका दर्शन, पूजन, यात्रा और स्नान आदि काशी में होते रहते हैं।

 

Keshant- Sanskaar ( with Pooja Vidhi )

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Keshant – Sanskaar ( with Pooja Vidhi ) by Dr Mahendra Panday Edited by Prof. Ram Murti Sharma Published by Sampurnanand Sanskrit University, Varanasi

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की प्रकाशन-प्रन्थमालाओं ने प्राय्य भारतीय विद्याओं की प्रायः समस्त शाखाओं को अभिव्याप्त किया है। इस विश्वविद्यालय के द्वारा माननीय कुलपति प्रो. राममूर्ति शर्मा जी की प्रेरणा से एक नयी ग्रन्थमाला ‘संस्कार ग्रन्थमाला ‘ का प्रवर्तन हुआ है।

Maha Kavi Kalhad’s RAJATARANGINI

Current price is: ₹1,200.00. Original price was: ₹1,250.00.
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THE VRAJAJIVAN PRACHYABHARATI GRANTHAMALA

KALHANA’S RAJATARANGINI

(Chronicle/ History of the Kings of Kashmir)

Edited with ‘SOBHANA’ HINDI COMMENTARY

By Shri Ramtej Shastri Pandey

व्रजजीवन प्राच्यभारती ग्रंथमाला  महाकविकल्हणविरचिता राजतरङ्गिणी

( कश्मीरस्थ नरेशानां यथाक्रमं वृत्तविवरणम् ) कश्मीर के राजाओं का इतिहास

‘शोभना ‘ख्यथा हिन्दीव्याख्यया संवलिता

व्याख्याकार: श्रीरामतेजशास्त्री पाण्डेय:

Pages : 550

Mahabharat ke Pramukh Patra (Main characters of Mahabharat)

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1646 Mahabharat ke Pramukh Patra (Main characters of Mahabharat) in Hindi with pictures by Gita Press Gorakhpur.

इस पुस्तक में महाभारत के प्रमुख पात्रो के बारें में तथा संक्षिप्त में तथा उनकी कहानियाँ पढ़ने को मिलती है |बच्चो के संस्कार तथा ज्ञान वर्धन के लिए छोटे में रंगीन चित्रों के साथ बहुत ही सुन्दर पुस्तक है | इसे पढ़कर हमारे महान ग्रंथो के बारे में जानकारी मिलती है |

महाभारत के महानायक भगवान् श्री कृष्ण , भगवान् वेदव्यास , भीष्मपितामह, गुरु द्रोणाचार्य , कुरुराज धृतराष्ट्र, धर्मराज युधिष्ठिर, वीरवर अर्जुन, महाबली भीम , महावीर अभिमन्यु, संजय, दुर्योधन, दानवीर कर्ण , पतिव्रता गान्धारी, महारानी कुंती, महारानी द्रोपदी, सति  उत्तरा, त्यागमूर्ति महाराज उशीनर

Mahabharat Ki Pramukh Kathayen (Main Stories of Mahabharat)

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1538 Mahabharat ki Pramukh Kathaye (Main Stories of Mahabharat) in Hindi with pictures by Gita Press Gorakhpur.

इस पुस्तक में महाभारत के प्रमुख कहानियाँ पढ़ने को मिलती है |बच्चो के संस्कार तथा ज्ञान वर्धन के लिए छोटे में रंगीन चित्रों के साथ बहुत ही सुन्दर पुस्तक है | इसे पढ़कर हमारे महान ग्रंथो के बारे में जानकारी मिलती है |

Mahakumbh Parv

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1300 Mahakumbh Parv by Gita Press, Gorakhpur

कुम्भ-पर्व के माहात्म्य को प्रतिपादित करते हुए कहा गया है कि ‘कुम्भ-पर्व में जाने वाला मनुष्य स्वयं दान-होमादि सत्कर्मो के फलस्वरूप अपने पापों को वैसे ही नष्ट करता है, कुठार वन को काट देता है। जिस प्रकार गंगा नदी अपने तटों को काटती हुई प्रवाहित होती है, उसी प्रकार कुम्भ-पर्व मनुष्य के पूर्वसंचित कर्मों से प्राप्त हुए शारीरिक पापोंको नष्ट करता है और नूतन (कच्चे) घड़े की तरह बादल को नष्ट-भ्रष्टकर संसार में सुवृष्टि प्रदान करता है’।

साधारण जन मानस भी इस महापर्व के साहात के विषय अनभिज्ञ न रहे, इसी अभाव की पूर्ति की दिशा में प्रस्तुत पुस्तक एक लघु प्रयास है।

Mahavir Panchang, Kashi (22-23) महावीर पंचांग, काशी (२२-२३)

Current price is: ₹60.00. Original price was: ₹65.00.
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Mahavir Panchang ( Kashi ka Shudh Panchang) Samvat: 2079 (The year 2022-23) by Dr. Jeevnath Ojha Edited by Sri Rameshwar Nath Ojha. Varanasi

 

Manas Rahasya (Mysteries of Sri Ram Charit Manas)

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103  Manas Rahasya (Mysteries of Sri Ram Charit Manas) by Gita Press, Gorakhpur
103 मानस रहस्य, गीता प्रेस, गोरखपुर

‘कल्याण’ के में से चुने हुए ३५ लेखों का संग्रह पुस्तक रूप में मानस-प्रेमी जनों की सेवा में प्रस्तुत किया जा रहा है। लेखों में ‘मानस’ के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डालने की चेष्टा की गयी है।  इनसे मानस के समझने-समझाने में बड़ी सहायता मिलेगी।

Manas Stuti Sangrah

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1214 Manas Stuti Sangrah in Hindi with pictures by Gita Press Gorakhpur.

श्री रामचरितमानस में स्थान-स्थान पर प्रयोग की गयी स्तुतियों की उपासना की दृष्टि से महत्ता अतुलनीय है। इस आवश्यकता की पूर्ति के लिये श्रीरामचरितमानस में ब्रह्मादि देवताओं, अम्बा कौसल्या, भगवती सीता, महर्षि अत्रि, गीधराज जटायु, भगवान् शिव तथा वेदों के द्वारा समय समय पर की गयी भगवान् श्रीराम की स्तुतियों के साथ भगवान् शिव की स्तुति का प्रस्तुत पुस्तक में संग्रह किया गया है। प्रत्येक स्तुति के साथ प्रसंगानुकूल चित्र भी संलग्न है।

 

Manasagari मानसागरी (सचित्र) संस्कृत – हिंदी अनुवाद सहित

275.00
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मानसागरी (सचित्र) संस्कृत – हिंदी अनुवाद सहित

MANASAGARĪ [AN ASTROLOGICAL TEXT WITH MANORAMA HINDI COMMENTARY]

Edited and Translated

by Dr. Ramchandra Pandey Reader in Jyotish Faculty of Oriental Learning and Theology Banaras Hindu University Varanasi

मानसागरी के इस संस्करण के सम्पादन में मानसागरी उपलब्ध संस्करणों का सहयोग लिया गया हैतथा विषयवस्तु को शुद्ध औ सरल ढङ्ग से प्रस्तुत करने के लिए बृहत्पाराशरहोरा, बृहज्जातक, महलाघव, मुहूर्त चिन्तामणि, नरपतिजयचर्या एवं मुकुन्दविजय प्रभुति प्रत्थों का भी सहयोग लिया गया है मूल की रचना में भी इन ग्रन्थों का उपयोग किया गया है। आमास बहुत से स्थलों पर सरलता पूर्वक हो जाता है । अतएव इन्ही सहयोग से यथासम्भव शुद्ध पाठ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

Pages : 511

Manusmrti with ‘Maniprabha’ Hindi Commentary

225.00
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MANUSMRTI with Maniprabha Hindi Commentary by Pt. Haragovinda Shastri  Published by : Chowkhamba, Kashi

विद्वान् अन्वादक ने अपने इस संस्करण में कई विशेषताएं समाविष्ट की हैं जो साधारण पाठकों के लिए बहुत उपयोगी हैं । हिन्दी में ‘मणिप्रभा’ नाम से विशद टीका तो है ही, दुरुह स्थलों में भावार्थको और भी स्पष्ट करने के उद्देश्य से ‘विमर्थ’ द्वारा गूढाचं को सरल भाषा में समझाने का प्रयत्न किया गया है। किस श्लोक या किन इलोको में किसी विशिष्ट विषय का प्रतिपादन किया गया है, इसको साधारण पाठक की दृष्टि से स्पष्टकर देने के लिए उपयुक्त शीर्षक भी लगा दिये गये हैं । आरम्भ में हिन्दी में एक विषयानुक्रमणिका और अन्त में इक्कोकानुक्रमणिका लगाकर पुस्तक की डपादेयता और उपयोगिता बिशोष रुप से बढ़ा दी गयो है यह अन्य केवल अनुवाद नहीं, पर मनुस्मृति को समझने और कहाँ क्या बरणित पाप्रतिपादित है, इसको आसानी से ढूंढ निकालने की कुजी भी है, जो साधारण पाठकके लिये बहुत महत्त्वपूर्ण है ।

Markandey Puran ( In Brief )

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539  Markandey Puran ( In Brief ) with pictures Bold Type  by Gita Press, Gorakhpur

‘मार्कण्डेयपुराण’ का अठारह पुराणों की गणना में सातवां स्थान है । इसमें जैमिनि-मार्कण्डेय- संवाद एवं मार्कण्डेय ऋषि का अभूतपूर्व आदर्श जीवन-चरित्र, राजा हरिश्चन्द्रका चरित्र- चित्रण, जीव के जन्म-मृत्यु तथा महारौरव आदि नरकों के वर्णन सहित भिन्न-भिन्न पापों से विभिन्न नरकों की प्राप्ति का दिग्दर्शन है। इसके अतिरिक्त इसमें सती मदालसा का आदर्श चरित्र, गृहस्थों के सदाचार का वर्णन, श्राद्ध-कर्म, योगचर्या तथा प्रणव की महिमा पर महत्त्वपूर्ण प्रकाश डाला गया है। इसमें देवताओं के अंश से भगवती महादेवी का प्राकट्य और उनके द्वारा सेनापतियों सहित महिषासुर वध का वृत्तान्त भी विशेष उल्लेखनीय है। इसमें श्रीदुर्गासप्तशती सम्पूर्ण-मूल के साथ हिन्दी अनुवाद, माहात्म्य तथा पाठ की विधिहित विस्तार से वर्णित है। इस प्रकार लोक-परलोक- सुधार हेतु इसका अध्ययन अति उपयोगी, महत्त्वपूर्ण और कल्याणकारी है।

 

Mini Chalisa ( For Pocket )

Current price is: ₹6.00. Original price was: ₹8.00.
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Mini Chalisa with Colourful Glossy paper for keeping in the wallet or Pocket.

It can also be bought to distribute among devotees. These mini Chalisa are available for different God/Goddesses.

All these Chalisa has included

  • Stuti or Ashtak
  • Aarti
  • Chalisa
  • Yantra
  • Photos

 

 

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